काला जादू से पीड़ित की याददाश्त कमजोर हो जाती है | काला जादू का असर ज्यादातर दोपहर के बाद या रात्रि काल में ज्यादा होता है|  उसके दिल की धड़कन बढ़ी हुई रहती है | भूलने की बिमारी शुरू हो जाती हैं | दौरे पड़ते है | शुगर , हार्ट , किडनी , लिवर , जैसी भयानक बिमारी हो जाती है | तपेदिक , आखो से दिखाई ना देना , बार बार टॉयलेट  लगना , खून की उलटी होना , सास फूलना , और कई बार हार्ड अटैक या लकवा तक की बिमारी हो जाती है | पीड़ित के बाल असमय ही सफ़ेद हो जाते है , लम्बाई नहीं बढ़ती है , शरीर दुबला होता जाता है , खाया पीया नहीं लगता है , नींद में चलने की बिमारी या चिल्लाकर बेहोश हो जाना काला जादू के प्रमुख पहचान है | जिस मकान में काफी दिनों से दीपक ना जला हो या जहा आदमी काफी दिनों से ना रहते हो ऐसी जगह जाने से या वहा पर शौच इत्यादि करने से भी व्यक्ति काला जादू से पीड़ित हो जाता है | कई बार ऐसा भी देखा गया है पति पत्नी के अटूट रिश्तो को भी कुछ जलन रखने वाले लोग काला जादू की सहायता से आग लगा देते है | स्त्रियों को संतान नहीं होती है , या संतान होकर ख़त्म हो जाती है | उनका कोख काला जादू का प्रयोग करके  बांध दिया जाता है | दूकान की बिक्री लगभग ख़त्म हो जाती है | फैक्ट्री में ताले लटक जाते है | कर्ज का बोझ बढ़ता ही चला जाता है | बच्चो की पढाई में बाधा आ जाती है , वह इम्तहान में फेल हो जाते है | शत्रु हॉबी हो जाते है | पडोसी जलन करते है | शुभ कार्य में बाधा आती है | पूजा पाठ , ध्यान में मन नहीं लगता है , पत्नी या पति बात बात पर कलेश करते है |